CIN: U91110JH1961PLC000470
Incorporated Under Indian Companies Act 1913, on 28.11.1950

Blog

सिंहभूम चैंबर ने जीएसटी ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी की बैठक में उठाए व्यापारियों के महत्वपूर्ण मुद्दे

सिंहभूम चैंबर ने जीएसटी ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी की बैठक में उठाए व्यापारियों के महत्वपूर्ण मुद्दे रांची में आयोजित जीएसटी ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी (GST Grievance Redressal Committee) की बैठक में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए जीएसटी पोर्टल, जीएसटी अपीलीय अधिकरण (GSTAT) पोर्टल तथा जीएसटी अधिनियम एवं नियमों में आवश्यक सुधारों के संबंध में विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक की अध्यक्षता श्री प्रदीप सक्सेना, आईआरएस, मुख्य आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, झारखंड-बिहार ने की तथा सह-अध्यक्षता श्री अमित कुमार, आईएएस, सचिव-सह-आयुक्त, राज्य जीएसटी, झारखंड ने की। बैठक में श्री धर्मजीत, आईआरएस, आयुक्त, सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क (ऑडिट), श्री रणविजय कुमार, आईआरएस, अपर आयुक्त, सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, जमशेदपुर तथा श्री सुबोध कुमार, आईआरएस, अपर आयुक्त (अपील), सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, रांची भी उपस्थित रहे। जीएसटीएन (GSTN) के अधिकारी भी नई दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होकर तकनीकी विषयों पर चर्चा में सहभागी बने। सिंहभूम चैंबर का प्रतिनिधित्व श्री मानव केडिया, अध्यक्ष एवं श्री राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं फाइनेंस) ने किया। चैंबर ने जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न डाउनलोड प्रक्रिया को सरल बनाने, स्पष्ट एवं उपयोगी एरर मैसेज उपलब्ध कराने, बेहतर सेशन मैनेजमेंट, नोटिस एवं आदेशों की प्रभावी सूचना व्यवस्था, GSTAT पोर्टल पर ऑफलाइन अपील यूटिलिटी, प्री-डिपॉजिट एवं ट्रिब्यूनल फीस के लिए एकीकृत भुगतान सुविधा जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। अपील शुल्क (Appeal Fee) एवं अन्य निर्धारित शुल्क का भुगतान सीधे GSTAT पोर्टल पर ही उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में इसके लिए अलग से भारतकोष (BharatKosh) पोर्टल का उपयोग करना पड़ता है, जिससे करदाताओं एवं कर-व्यवसायियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि यह सुविधा GSTAT पोर्टल पर ही उपलब्ध करा दी जाए तो अपील दाखिल करने की प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं सुविधाजनक हो जाएगी। चैंबर ने इसके अतिरिक्त लंबित जीएसटी रिटर्न के लिए एकमुश्त एमनेस्टी योजना लागू करने, ऑडिट पूर्ण होने के बाद उसी अवधि के लिए ASMT-10 नोटिस जारी नहीं किए जाने, धारा 73 के मामलों को बिना पर्याप्त आधार के धारा 74 में परिवर्तित करने पर स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी करने तथा सामान्य ऑडिट मामलों में, जहां धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत विवरण या Suppression का कोई प्रमाण नहीं हो, वहां धारा 74 के बजाय विधि अनुसार धारा 73 के अंतर्गत ही कार्यवाही किए जाने का सुझाव भी दिया। यह अतिरिक्त पैराग्राफ प्रेस विज्ञप्ति में अलग से इस प्रकार जोड़े जा सकते हैं: बैठक के दौरान चैंबर ने जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) निरस्तीकरण (Cancellation) से संबंधित व्यावहारिक कठिनाइयों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। चैंबर ने बताया कि अनेक मामलों में निरस्तीकरण के आवेदन लंबे समय तक लंबित रखे जाते हैं और बाद में अनावश्यक एवं विधि-सम्मत न होने वाले दस्तावेजों की मांग करते हुए उन्हें अस्वीकृत कर दिया जाता है। इस पर राज्य जीएसटी के सचिव-सह-आयुक्त श्री अमित कुमार, आईएएस ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे लंबित आवेदनों की विधि के अनुरूप समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। चैंबर ने यह समस्या भी उठाई कि जिन मामलों में प्रोपराइटर (अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता) का निधन हो चुका है, वहां जीएसटी रिफंड आवेदन ऑनलाइन दाखिल नहीं हो पा रहा है, जिससे उत्तराधिकारियों एवं व्यवसायों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मुख्य आयुक्त श्री प्रदीप सक्सेना, आईआरएस ने कहा कि यह समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में सामने आ रही है और इस विषय को उचित स्तर पर उठाया जाएगा ताकि इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सिंहभूम चैंबर द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें संबंधित स्तर पर विचारार्थ भेजने का आश्वासन दिया। चैंबर ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से जीएसटी अनुपालन प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं व्यापार-अनुकूल बनेगी, जिससे करदाताओं और प्रशासन दोनों को लाभ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सिंहभूम चेंबर के मानसून ट्रेड फेयर 2026 का भव्य उद्घाटन महिला उद्यमियों ने विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाकर दिखाई अपनी प्रतिभा

सिंहभूम चेंबर के मानसून ट्रेड फेयर 2026 का भव्य उद्घाटन महिला उद्यमियों ने विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाकर दिखाई अपनी प्रतिभा

JIADA Regulations 2026 के मसौदे पर उद्योग संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, MD JIADA ने अपनी टीम के साथ प्रावधानों पर धैर्यपूर्वक विस्तृत विचार-विमर्श किया

JIADA Regulations 2026 के मसौदे पर उद्योग संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, MD JIADA ने अपनी टीम के साथ प्रावधानों पर धैर्यपूर्वक विस्तृत विचार-विमर्श किया

ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना:मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को पत्र लिखकर राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध

ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना:मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को पत्र लिखकर राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध

झारखंड के सतत विकास के लिए सभी चैम्बर एक मंच पर, नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी पर जोर

झारखंड के सतत विकास के लिए सभी चैम्बर एक मंच पर, नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी पर जोर

अपराध पर प्रहार, व्यापार को मिले सुरक्षा का अधिकार: जमशेदपुर की कानून व्यवस्था सुधारने को एफजेसीसीआई उपाध्यक्ष विजय आनंद मुनका ने डीजीपी को भेजे सुझाव

अपराध पर प्रहार, व्यापार को मिले सुरक्षा का अधिकार: जमशेदपुर की कानून व्यवस्था सुधारने को एफजेसीसीआई उपाध्यक्ष विजय आनंद मुनका ने डीजीपी को भेजे सुझाव

झारखंड स्टेकहोल्डर्स मीट में सिंहभूम चैंबर ने निभाई सक्रिय भूमिका, निवेश प्रस्तावों का किया स्वागत

झारखंड स्टेकहोल्डर्स मीट में सिंहभूम चैंबर ने निभाई सक्रिय भूमिका, निवेश प्रस्तावों का किया स्वागत

शारजाह में उद्योग लगाएं, 60% कंपनियां भारतीय; निवेश के नए अवसरों पर जोर

शारजाह में उद्योग लगाएं, 60% कंपनियां भारतीय; निवेश के नए अवसरों पर जोर

एआई-संचालित ‘झारखंड एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल’ शुरू करने की मांग, उद्योगों को मिलेगा डिजिटल सहयोग

एआई-संचालित ‘झारखंड एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल’ शुरू करने की मांग, उद्योगों को मिलेगा डिजिटल सहयोग